एक भयानक रात
यहा एक कहानी है एक रात की जब टिल्लू काम कर के घर लौटता है तभी उसी समय उसकी उसकी आँख लग जाती है और उसे एक भयानक चेहरा दिखता है जौ टिल्लू के बुडापे का है ,फिर उसे जलती लालटेन है जिससे वो सिग्रेट पीता था उसी लाइटर से किसी का घर जलता हुआ देखता है फिर उसे अपने घर वाले दिखते है जो उसे मारने आ रहे है फिर उसे अपने दोस्त दिखते है जो उसे बचाने आ रहे है फिर वो रोशनी जिसे वो बंद कर के वो सौता है वो रोशनी जगमग कर पूरे सेहर को ढक लेते है फिर वो माचिस जिससे गॅस जलाता है उससे सबकी सिगरेट जलती हुई देखता है फिर वो हाथ जो उसके कंधे में हमेशा उसके साथ होते थे उसके दादा के उसी समय वो गायब हो जाते है टीलू की नींद खुल जाती है और सपना उसी समय टूट जाता है
लेखक - श्री अजीत